Friday, February 15, 2019

सब जग जलता देखिए :अपनी अपनी आग

कहानी जो सिखाती है - "मृत्यु एक सत्य है"



सब जग जलता देखिए : अपनी अपनी आग


महात्मा गौतम बुद्ध की ख्याति जब चारों ओर फैल गई तो उनके पास सभी तरह के लोग आने लगे। वह बुद्ध से अपने कष्टों का निदान पूछते।  लोग उन्हें साक्षात देवदूत मानते थे और यह आशा करते थे कि वह संभव को भी असंभव कर डालेंगे। 

एक दिन एक स्त्री, फिसा गौतमी रोती हुई उनके पास पहुंची। उसका इकलौता बेटा मर गया था।  शोक  से व्याकुल होकर गौतमी चरणों में गिर पड़ी और कहने लगी, "भगवान, किसी तरह किसी मंत्र से मेरे बेटे को जिंदा कर दो।" 

गौतम बुद्ध कुछ क्षणों तक सोचते रहे।  फिर करुण स्वर से बोले, "शोक ना करो,  हम तुम्हारे बच्चे को जीवित कर देंगे।  परंतु इसके लिए तुम किसी ऐसे घर से सरसों के थोड़े से दाने मांग कर लाओ जहां कभी किसी की मृत्यु ना हुई हो।" 

गौतमी की जान में जान आई वह गांव की ओर दौड़ पड़ी।  दिन भर भटकती रही। कई गांव में गई, परंतु उसे एक भी ऐसा घर नहीं मिला जहां किसी की कभी मृत्यु ना हुई हो। 

हताश होकर वह लौट आई।  

गौतम बुद्ध ने समझाया मृत्यु कोई अनहोनी घटना नहीं है।  ऐसी विपत्ति एक ना एक दिन सभी पर आती है।  उसे धैर्य पूर्वक सहन करना पड़ता है।  

इस अटल सत्य को समझ कर गौतमी की व्यथा कम हो गई। 

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